मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026

Dewas - गोल्ड लोन धोखाधड़ी में बैंक के चार अधिकारी दोषी, आरोपियों को 5-5 साल की सजा | Kosar Express



देवास। धोखाधड़ी के एक गंभीर प्रकरण में देवास पुलिस की पेशेवर और वैज्ञानिक विवेचना के चलते माननीय न्यायालय से आरोपियों को 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹2 लाख के अर्थदंड से दंडित कराया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवास श्री पुनीत गेहलोद द्वारा जिले में शुरू किए गए “ऑपरेशन संकल्प” के तहत की गई, जिसका उद्देश्य गंभीर अपराधों में त्वरित और प्रभावी न्याय सुनिश्चित करना है।


इसी क्रम में दिनांक 24 जुलाई 2021 को थाना कोतवाली पर HBFC Finance Private Limited में गोल्ड लोन के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने के संबंध में अपराध क्रमांक 567/2021 धारा 420, 409, 467, 468, 471, 120-बी भादवि के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। आरोपियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र रचकर कंपनी की नियत राशि का दुर्विनियोग किया गया था।


प्रकरण की विवेचना उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा की गई। दिनांक 13 जून 2023 को आरोपियों की गिरफ्तारी की गई तथा विवेचना पूर्ण कर 11 सितंबर 2023 को चालान तैयार कर 18 अक्टूबर 2023 को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।


माननीय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री राजेंद्र कुमार पाटीदार, न्यायालय देवास द्वारा प्रकरण के विचारण उपरांत आरोपी शैलेंद्र शर्मा पिता गणेश शर्मा उम्र 32 साल निवासी 20/4 24 सम्यक बिहार देवास, प्रमोद चौधरी पिता स्वर्गीय नंदकिशोर चौधरी उम्र 32 साल निवासी 54 जय श्रीनगर देवास थाना सिविल लाइन देवास, महेंद्र पिता नारायण सिंह पटेल उम्र 32 साल निवासी 46 बालाजी नगर देवास हाल मुकाम वैशाली एवेन्यू देवास और फाल्गुनी पिता चिंतामणि कश्यप उम्र 30 वर्ष निवासी सनराइज सिटी टू नागझरी उज्जैन को दोषी पाते हुए प्रत्येक को 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹2,00,000/- के अर्थदंड से दंडित किया गया।

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