देवास। मध्याह्न भोजन योजना में गंभीर आर्थिक अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। जिला पंचायत में पदस्थ वर्तमान प्रभारी, पूर्व प्रभारी और डाटा एंट्री ऑपरेटर पर शासकीय राशि को निजी और परिजनों के खातों में जमा कराने का आरोप है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए तीनों को तत्काल सेवा से बर्खास्त करने, राशि की वसूली और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने समानांतर MDM बताकर करीब 23 लाख रुपए की हेराफेरी की।
दोषियों में—
•आरती किरावर, क्वालिटी मॉनिटर — ₹8.53 लाख
•अपर्णा जैन, क्वालिटी मॉनिटर — ₹2.48 लाख
•अमन व्यास, डाटा एंट्री ऑपरेटर — ₹12.29 लाख
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बच्चों की योजनाओं में भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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