- देवास में बेखौफ दौड़ रही ‘ओम साईं राम’ की बसें, सवालों के घेरे में जिमेदार — आखिर किसके संरक्षण में चल रहा मौत का कारोबार?
देवास में निजी बसों की मनमानियों ने एक बार फिर इंसानी जान और शहर की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। “ओम साईं राम” बस सेवा की एक तेज़ रफ्तार बस ने आज अमोना चौराहा / संजय नगर के पास देवास से इंदौर जा रही मारुति वैन को ज़ोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन सड़क के इस पार से उस पार जाकर पलट गई। हादसे में वैन चालक अनिल प्रजापत (32 वर्ष), निवासी अचलुखेड़ी, के पैर में गंभीर चोट आई। बस में 70 से अधिक यात्री सवार थे, जिनकी जान भी खतरे में पड़ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस चालक नशे की हालत में था और अंधाधुंध गति से बस चला रहा था। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसी बसें बिना किसी डर के आखिर चल कैसे रही हैं?
यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ ही दिन पहले इसी “ओम साईं राम” ट्रैवल्स की एक बस की चपेट में आकर इंदौर की एक महिला की जान चली गई थी। तब भी सवाल उठे थे, लेकिन नतीजा शून्य रहा। आज फिर वही ट्रैवल्स , वही लापरवाही, वही दुर्घटना का आरोप — और एक और हादसा।
अब सवाल साफ है:
देवास में इन बस मालिकों को आखिर किसका संरक्षण मिला हुआ है? RTO, परिवहन विभाग और पुलिस की चुप्पी क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रही है?
अगर अब भी सख़्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह साफ है कि देवास की सड़कों पर कानून नहीं, बस मालिकों की मनमानी चल रही है — और आम जनता इसकी कीमत जान देकर चुका रही है।

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