देवास। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार शनिवार 14 मार्च को देवास जिले के सभी न्यायालयों में इस वर्ष की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास श्री अजय प्रकाश मिश्र के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ विशेष न्यायाधीश एवं लोक अदालत प्रभारी श्री विकास शर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण कराने से पक्षकारों का समय और धन दोनों की बचत होती है। साथ ही न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं को अधिक से अधिक मामलों में समझौते के माध्यम से निराकरण कराने के लिए प्रेरित किया।
परिवार न्यायालय देवास ने इस लोक अदालत में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। परिवार न्यायालय के न्यायाधीश श्री जितेंद्र कुशवाह ने एकल बैठक में 68 प्रकरणों का निराकरण कर नया रिकॉर्ड बनाया। यह संख्या परिवार न्यायालय देवास के इतिहास में किसी एक लोक अदालत में सबसे अधिक मानी जा रही है।
जिले में सिविल, आपराधिक, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम, विद्युत अधिनियम, बीएसएनएल और अन्य मामलों के निराकरण के लिए देवास जिला मुख्यालय के साथ-साथ सोनकच्छ, कन्नौद, खातेगांव, टोंकखुर्द और बागली में कुल 34 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया था।
इस दौरान विशेष न्यायाधीश श्री विकास शर्मा और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रोहित श्रीवास्तव ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों के निराकरण के लिए प्रेरित किया। राजीनामा करने वाले पक्षकारों को स्मृति स्वरूप फलदार और फूलों के पौधे भी भेंट किए गए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
नेशनल लोक अदालत में जिले भर में कुल 876 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें आपराधिक के 264, मोटर दुर्घटना के 58, चेक बाउंस के 171, पारिवारिक मामलों के 55, विद्युत के 156, श्रम के 11, विविध के 130 और सिविल के 26 मामले शामिल हैं। इन मामलों में कुल 12 करोड़ 63 लाख 40 हजार 174 रुपये के अवार्ड पारित किए गए, जिससे 2086 लोगों को लाभ मिला।
इसके अलावा 58 मोटर दुर्घटना क्लेम मामलों में 6 करोड़ 63 लाख 77 हजार रुपये की राशि आपसी समझौते से तय की गई। वहीं नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के 171 मामलों में 4 करोड़ 31 लाख 38 हजार 753 रुपये की राशि का सेटलमेंट हुआ। सिविल के 26 मामलों में 39 लाख 57 हजार 228 रुपये की राशि का निराकरण किया गया।
लोक अदालत में 470 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का भी निराकरण किया गया, जिनमें 69 लाख 24 हजार 107 रुपये के अवार्ड पारित किए गए और 896 लोगों को लाभ मिला।
इस अवसर पर न्यायाधीशगण, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, नगर निगम, विद्युत कंपनी, बैंक और बीमा कंपनियों के अधिकारी, लोक अभियोजन अधिकारी, पैरालीगल वालेंटियर्स और बड़ी संख्या में पक्षकार मौजूद रहे।


