Thursday, 3 May 2018

राजस्थान में 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी, उप्र में तेज आंधी-बारिश, दोनों राज्यों में 81 मौतें

राजस्थान में 3 जिले भरतपुर, धौलपुर, अलवर और यूपी का आगरा सबसे ज्यादा प्रभावित रहे।



  • दिल्ली में 60 किमी की रफ्तार से चली आंधी
  • राजस्थान का बूंदी बुधवार को सबसे ज्यादा गर्म (47 डिग्री) रहा।

जयपुर/लखनऊ.राजस्थान और उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए बवंडर ने जमकर तबाई मचाई। पिछले 24 घंटे में राजस्थान में 36 तो उत्तर प्रदेश में 45 लोगों की मौत हो गई। 140 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। इस बवंडर की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटे रही। इस दौरान कई पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए। कई जगह सड़कों पर और रेलवे ट्रैक पर पेड़ पोल गिरने से यातायात व्यवस्था ठप रही।
राजस्थान: सबसे ज्यादा 12 मौतें भरतपुर में
-आपदा प्रबंधन के हेमंत कुमार गेरा ने बताया, "राजस्थान में 3 जिले भरतपुर, धौलपुर और अलवर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। भरतपुर में 12, धौलपुर में 10 और अलवर में 4 मौतें हुईं। 100 से ज्यादा लोग जख्मी हुए।"
- बीकानेर में 38 किमी घंटा की गति से चली आंधी चली। इस दौरान राज्य में 500 मीटर विजिबिलिटी रही।
- बीकानेर में 38 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल, जिससे पारा 45 डिग्री से गिरकर 35 डिग्री पर आ गया। जयपुर में आंधी गति 18 किलोमीटर प्रति घंटा रही। आंधी से दृश्यता 500 मीटर ही रही। जयपुर में पारा 42.7 डिग्री था जो शाम को तेज हवाओं के कारण 8 डिग्री सेल्सियस कम हो गया।
- दूसरी ओर, बुधवार को बूंदी के बाद जैसलमेर और कोटा का तापमान सबसे ज्यादा रहा। यहां 45 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया। वहीं, पिलानी में 23.7 एमएम बारिश दर्ज की गई।
वसुंधरा ने हर जरूरी मदद देने को कहा
- मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने हादसे में मारे गए लोगों के प्रति दुख जताया है और हर जरूरी मदद देने की बात कही है। वहीं, हादसे में हुई मौतों के बाद कांग्रेस महासचिव ने अशोक गहलोत ने अपना जन्मदिन मनाने से इनकार कर दिया है।
उत्तर प्रदेश: सबसे ज्यादा असर आगरा में,36 मौतें
- उत्तर प्रदेश में तेज आंधी और बारिश से 45 लोगों की मौत हो गई। आगरा में सबसे ज्यादा 36 लोगों की मौत हुई, वहीं, बिजनौर में 3, सहारनपुर में दो, और बरेली, मुरादाबाद, चित्रकूट और रामपुर में 1-1 व्यक्ति की आंधी की चपेट में आने से मौत हुई है। 38 लोग जख्मी हुए।
- स्थानीय अधिकारियों ने सभी प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य पहुंचाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। 
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मरने वालों के परिवार को 4 लाख और घायलों को 50 हजार मुआवजा देने का एलान किया है।
दिल्ली में भी चली आंधी, पारा गिरा
- राजधानी के आसपास चक्रवाती हवाओं का सिस्टम बनने से बुधवार शाम मौसम अचानक बदल गया। दिनभर तेज धूप के बाद शाम 5 बजे 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली। कुछ देर आंधी के बाद तेज बारिश हुई। इसके कारण फिरोजशाह कोटला मैदान पर दिल्ली डेयरडेविल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मैच भी देर से शुरू हुआ।
- आंधी-बारिश से अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस सेगिरकर 20.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। आंधी-बारिश सेकरीब 26 जगह पेड़ और दीवार गिरने की सूचना मिली। इस दौरान कई जगह ट्रैफिक भी जाम रहा।
इस कारण आते हैं बवंडर
- ज्यादातर रेगिस्तान भूमध्य रेखा के इर्दगिर्द है। इस क्षेत्र में वायुमंडलीय दबाव बहुत अधिक होता है। यह दबाव ऊंचाई पर मौजूद ठंडी शुष्क हवा को जमीन तक लाता है। इस दौरान सूरज की सीधी किरणें इस हवा की नमी समाप्त कर देती हैं। नमी समाप्त होने से यह हवा बहुत गर्म हो जाती है। इस कारण बारिश नहीं हो पाती है और जमीन शुष्क और गर्म हो जाती है।
- जमीन गर्म होने के कारण नमी के अभाव में धूल के कणों की आपस में पकड़ नहीं रह पाती है। ऐसे में ये हवा के साथ बहुत आसानी से ऊपर उठना शुरू कर देते हैं।
- हवा की गति 40 किलोमीटर से अधिक होने पर ये धूल कण एक बवंडर का रूप धारण कर लेते हैं। बवंडर के साथ धूल के कण 10 से 50 फीट की ऊंचाई तक उठते हैं। कई बार ये इससे भी अधिक ऊंचाई तक पहुंच जाते हैं।

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