Friday, 1 June 2018

बोधगया बम ब्लास्ट : सजा का ऐलान, सभी दोषी आतंकियों को उम्रकैद | Kosar Express

उम्रकैद के साथ ही आरोपियों को 40-40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।


पटना। बोधगया बम ब्लास्ट मामले में सभी आरोपी आतंकियों को आज पटना एनआईए की विशेष अदालत ने आजीवन कारावास का फैसला सुनाया है। सभी दोषी आतंकियों की सजा के सभी बिंदुओं पर सुनवाई करते हुए एनआईए की विशेष अदालत ने आज सबको सजा सुनाई है। उम्रकैद के साथ ही आरोपियों को 40-40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।


शुक्रवार की सुबह आठ बजे के बाद ब्लास्ट के सभी आरोपियों को पटना के बेउर जेल से एनआईए कोर्ट लाया गया। मामला संवेदनशील होने के कारण जेल से कोर्ट तक की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। डॉग स्क्वॉयड और बम स्क्वॉयड की टीम कोर्ट की सुरक्षा की जांच कर रही थी।


बता दें कि बोधगया सीरियल बम ब्लास्ट मामले में पांच आईएम आतंकियों को गुरुवार को ही सजा सुनाई जानी थी लेकिन अधिवक्ता द्वारा बहस के लिए समय मांगने के कारण एनआईए कोर्ट ने सजा टाल दी थी। बहस पूरी हो जाने के बाद शुक्रवार को सभी आरोपियों की सजा का एेलान किया गया।


25 मई को कोर्ट ने दोषी करार दिया था -

एनआईए की विशेष अदालत ने पांचों अभियुक्तों को 25 मई को दोषी करार दिया था। सजा सुनाने के लिए आज फिर इम्तियाज अंसारी, हैदर अली, मुजीबुल्लाह अंसारी, उमेर सिद्दिकी और अजहर उद्दीन कुरैशी को बेउर जेल से लाकर न्यायालय में पेश किया गया।


एनआईए के विशेष लोक अभियोजक ललन प्रसाद सिन्हा ने बहस करते हुए कहा कि घटना सात जुलाई, 2013 की है। महाबोधि मंदिर में नौ जगह पर बम विस्फोट किया गया था। सिन्हा ने अदालत को बताया कि यह आतंकी हमला था जिसका मकसद बौद्ध मंदिर परिसर में स्थित आवासीय विद्यालय में रह रहे सैकड़ों बच्चों को खत्म कर देना था। घटना में दो बौद्ध भिक्षु घायल हुए थे। आरोपितों ने बौद्ध मंदिर के अंदर और बाहर कुल 13 बम प्लांट किए थे। इसमें से नौ बमों में विस्फोट हुआ और तीन जिंदा बरामद किए गए थे।


एनआईए कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक ललन प्रसाद सिन्हा के अनुसार जिन धाराओं में सभी दोषी करार दिए गए हैं, उसमें कम से कम 10 वर्ष और अधिक से अधिक उम्रकैद की सजा होगी।


चार साल 10 महीने और 12 दिन बाद आया था फैसला -

बोधगया सीरियल बम ब्लास्ट मामले में चार साल 10 माह 12 दिन के बाद शुक्रवार, 25 मई को एनआईए कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था। कोर्ट ने मामले के सभी पांच आरोपियों को दोषी करार दिया था।


7 जुलाई 2013 को बोधगया में हुए नौ धमाकों में पांच आरोपियों के खिलाफ एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार ने फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था। साल 2013 में हुए इस धमाके में एक तिब्बती बौद्ध भिक्षु और म्यांमार के एक तीर्थ यात्री घायल हो गए थे।


मामले में 90 गवाहों की हुई थी पेशी -

बोधगया बम ब्लास्ट में एनआईए ने करीब 90 गवाहों को पेश किया और 11 मई, 2018 को दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद स्पेशल जज ने 25 मई तक के लिए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिस पर नियत तारीख को फैसला सुनाया गया और पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया गया था।


जांच एजेंसी एनआईए ने इम्तियाज अंसारी, उमर सिद्दीकी, अजहरुद्दीन कुरैशी और मुजीबुल्लाह अंसारी को आरोपी बनाया था जिसे शुक्रवार को कोर्ट ने दोषी करार दिया। हैदर, मुजीबुल्लाह और इम्तियाज रांची के रहने वाला है, जबकि उमर और अजहर छत्तीसगढ़ के रायपुर का रहने वाला है।

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