बुधवार, 29 अप्रैल 2026

देवास में बड़ा फैसला: नर्सरी से KG-2 तक बच्चों की परीक्षा, रैंकिंग और ग्रेडिंग पर कलेक्टर का सख्त बैन | Kosar Express



देवास में छोटे बच्चों की शिक्षा को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने जिले के सभी प्ले स्कूलों और शाला पूर्व शिक्षा केंद्रों में नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 के बच्चों की किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।


सिर्फ परीक्षा ही नहीं, बल्कि बच्चों को रैंकिंग और ग्रेडिंग के आधार पर आंकने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह बंद कर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इतनी कम उम्र में बच्चों पर परीक्षा और प्रतिस्पर्धा का दबाव डालना उनके मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए ठीक नहीं है।


दरअसल, जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई प्ले स्कूलों में छोटे बच्चों की परीक्षाएं आयोजित कर उन्हें नंबर, रैंक और ग्रेड दिए जा रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने यह सख्त आदेश जारी किया।


आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए किसी भी प्रकार की परीक्षा लेना राष्ट्रीय प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE) नीति 2013 और “शाला पूर्व शिक्षा नीति 2022 मध्यप्रदेश” का उल्लंघन है। इन नीतियों में बच्चों के समग्र विकास, खेल आधारित शिक्षा और बिना दबाव के सीखने पर जोर दिया गया है।


कलेक्टर ने सभी संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमों का कड़ाई से पालन करें। यदि किसी भी प्ले स्कूल में परीक्षा, रैंकिंग या ग्रेडिंग की गतिविधि पाई जाती है, तो संबंधित संस्था की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।


इस फैसले के बाद जिले के प्ले स्कूलों में अब बच्चों की पढ़ाई का तरीका अधिक सहज, खेल-आधारित और तनावमुक्त होने की उम्मीद है।

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