रविवार, 12 फ़रवरी 2023

रतनपुर के जंगल में नाकेदार की हत्‍या करने वाले आरोपी को हुआ आजीवन कारावास | Kosar Express

 



देवास। राजेन्‍द्र सिंह भदौरिया, जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला देवास द्वारा बताया गया कि मदनलाल वर्मा वन परिक्षेत्र, पुंजापुरा तहसील बागली, जिला देवास में बीट गार्ड के पद पर पदस्‍थ था। दिनांक 04.02.2021 को उसकी ड्यूटी वन परिक्षेत्र, पुंजापुरा की रतनपुर बीट में थी। दिनांक 04.02.2021 को मदनलाल सुबह करीब 10.30 से 11.00 बजे के बीच रतनपुर बीट में ड्यूटी के लिये निकले थे। उसे रोज की तरह 05.30 बजे मुख्‍यालय पर वापस आ जाना चाहिये था। उस दिन मदनलाल जब शाम 06.00 बजे तक भी वापस नहीं आये, तो कार्यालय के सहकर्मी वनरक्षक हरीश परमार ने कई बार मदनलाल वर्मा को फोन लगाया परन्‍तु बात नहीं हुयी, तब वनरक्षक हरीश परमार ने अपने रेंजर दिनेश निगम को फोन पर सूचना दी थी। उसके बाद रेंजर दिनेश निगम, वनरक्षक मनोज वर्मा, हरीश परामार अन्‍य साथी व पुलिस वाले मदनलाल वर्मा को ढूंढने के लिये जंगल गये थे। जब वे रात 10.00 बजे वन कक्ष क्र. 532 में भूरिया तालाब के किनारे पहुंचे तो देखा कि वहां मदनलाल वर्मा गिरे पड़े हुये थे। मोटर साइकिल भी वहीं पड़ी हुई थी। मदनलाल वर्मा के कपड़े खून से लाल हो गये थे और उनकी मृत्‍यु हो चुकी थी। मदनलाल वर्मा के दाहिने तरफ सीने में बंदूक की गोली की चोट दिखायी दे रही थी और खून निकला था। मौके पर थाना उदयनगर से पुलिस आ गई थी व प्रकरण दर्ज कर विवचेना प्रारंभ की गई।


विवेचना के दौरान विवेचक आर.आर.वास्‍केल ने दिनांक 06.02.2021 को आरोपी मोहन एवं गुलाब को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की तो उन्‍होंने बताया था कि वह अपने साथी ध्‍यानसिंह व दीपसिंह के साथ रतनपुर के जंगल में भूरिया तालाब के पास शिकार के लिये घात लगाकर बैठे हुये थे गुलाब की बंदूक मोहन के पास थी। उसी समय नाकेदार मदनलाल वर्मा वहां आ गये थे, उन्‍हे देखकर आरोपी भागने लगे मदनलाल ने उन्‍हें पकड़ने का प्रयास किया, तो आरोपी मोहन ने बंदूक से गोली चलाकर मदनलाल की हत्‍या कर दी। अन्‍य आवश्‍यक अनुसंधान उपरान्‍त अभियोग पत्र माननीय न्‍यायालय के समक्ष पेश किया गया।

बुधवार, 1 फ़रवरी 2023

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एहतेशाम हाशमी ने दैनिक भास्कर को भेजा मानहानि का 5 करोड़ का लीगल नोटिस | Kosar Express

 


भोपाल। जिला कोर्ट इंदौर में शनिवार को हिंदू संगठन के पदाधिकारियों से जुड़े प्रकरण की सुनवाई के दौरान वीडियो बना रही विधि संकाय की छात्रा युवती सोनू मंसूरी के संबंध में दैनिक भास्कर के इंदौर एडिशन में प्रकाशित समाचार में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता, जाने माने मानव अधिकारवादी एहतेशाम हाशमी का नाम प्रचारित कर झूठे आरोप लगाने तथा उनकी छवि धूमिल करने के फलस्वरूप आज 31जनवरी 2023 को श्री हाशमी द्वारा दैनिक भास्कर समूह के श्री सुधीर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक भोपाल, सुनील शुक्ला कार्यकारी संपादक भोपाल, मैसर्स उपमिता वाजपेयी सम्पादक भोपाल, श्री अमित मंडलोई संपादक दैनिक भास्कर इंदौर को कारण बताओ नोटिस प्रेषित कर उनको बदनाम करने के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्ण, गलत-डिजाइन और पूर्व-निर्धारित समाचार रिपोर्ट करने के कारण मानहानि होने के फलस्वरूप कारण बताओ सूचना पत्र भेजते हुए 24 घंटे के भीतर लिखित रूप में बिना शर्त माफी मांगने के लिए कहा साथ ही माफी नही मांगने तथा खबर का खंडन नही करने पर रुपए 5 करोड़ आपराधिक मानहानि के दावे की चैतावनी दी हैं।


श्री हाशमी द्वारा न्यूज हंट मीडिया पब्लिकेशंस को जानकारी देते हुए बताया कि वह निस्वार्थ भाव से पीड़ित मानवता की सेवा कर रहे हैं तथा देश भर में जरूरत मंद लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करते रहे हैं जो कुछ समाजविरोधी ताकतों को नागवार गुजरता रहा है। देश के सांप्रदायिक सौहार्द को नष्ट करने वाली ताकतें हमेशा से ही ऐसे प्रयास में लगी रहती है जिससे मेरी छवि पर प्रतिकूल प्रभाव हो। मेरी मान प्रतिष्ठा को खंडित करने वाले लगातार मेरी सेवा को शंका की दृष्टि से देखते रहे हैं। इंदौर के कई मामलों में मेरे द्वारा लोगों को न्याय दिलाने का प्रयास किया है विशेषकर पीड़ित मानवता को मेरे द्वारा हमेशा सहायता प्रदान करते हुए न्याय दिलाया है। जिससे समाज विरोधी, सांप्रदायिक सौहार्द को नष्ट करने वाली ताकतें रूष्ट रहती हैं यही कारण है कि गत दिनों इंदौर जिला कोर्ट में घटित घटना से मेरा नाम जोड़ने के समाचार प्रकाशित कर इंदौर के दैनिक भास्कर समाचार पत्र द्वारा समाचार लेख में किए गए शब्द, और अपमानजनक आरोपों, लांछनों, मानहानिकारक बयानों पर मैने कड़ी आपत्ति लेते हुए संबंधित लोगों को कारण बताओ नोटिस भेजे हैं। उन्होंने कहा कि में इंदौर के दैनिक भास्कर समाचार पत्र ने मीडिया को दी गई स्वतंत्रता का दुरुपयोग करने के ऐसे किसी भी प्रयास का सख्ती से विरोध करता हूं। मेरे विरुद्ध समाचार में लगाए गए आरोप बिना किसी सबूत, आधार पर लगाए गए हैं जो मानहानिकारक ही नही बल्कि कानून की दृष्टि से भी बुरे है। मेरे द्वारा दैनिक भास्कर समाचार पत्र समूह के जिम्मेदारों को 24 घंटे के भीतर मेरे ऊपर लगाए गए आरोपो की पुष्टि करने या लिखित रूप में बिना शर्त माफी के साथ खबर के खंडन की मांग की है जिसमे विफल रहने पर रुपए 5 करोड़ की आपराधिक मानहानि के दावे की सूचना दी गई हैं।


गौरतलब हो कि इससे पूर्व भी श्री हाशमी पर त्रिपुरा सरकार सहित अन्य के द्वारा भी ऐसे प्रयास किए गए है जिससे उन पर दबाव बनाया जा सके। मानव अधिकारवादी अधिवक्ता श्री एहतेशाम हाशमी के प्रयासों से देश विरोधी ताकतें भयभीत रहती हैं और वह प्रयास करती हैं कि किसी भी तरह से श्री हाशमी को आतंकित किया जाए। श्री हाशमी ने हमारे संवाददाता को बताया कि वह न्यायपालिका पर पूर्ण रूप से विश्वास करते हैं तथा संविधान उनका रक्षा कवच हैं। उनको विश्वास है कि न्यायपालिका से उनको न्याय ही मिलेगा और समाजविरोधी ताकतों को हारना होगा।