Sunday, 22 April 2018

परीक्षा बीच चले लात-घूंसे, टेबल-कुर्सी फेंकी...स्टाफ घबराया...रोने लगी छात्राएं,

देवास। अव्यवस्थाओं और विवादों का केंद्र बन चुके लीड केपी कॉलेज में हालात बदतर होते जा रहे हैं। परीक्षा के दौरान ही मारपीट होने लगी है। शनिवार को एक ऐसी ही घटना हुई जिसने कॉलेज की छवि को तो धूमिल किया ही मगर कॉलेज प्रशासन के साथ ही पुलिस-प्रशासन की लापरवाही को भी बयां किया। परीक्षा के बीच में ही परीक्षार्थियों में विवाद हुआ। टेबल-कुर्सियां फेंकी गई। गालीगलौज-मारपीट हुई। इससे कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई और स्टाफ घबरा गया। बाद में पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। संभवतः पहली बार कॉलेज में इस तरह की बड़ी घटना हुई है। कुलपति भी नाराज हैं और आगामी दिनों में मामले में एक्शन लिया जा सकता है।

दरअसल इन दिनों कॉलेजों में वार्षिक प्रणाली के तहत यूजी प्रथम वर्ष की परीक्षाएं चल रही हैं। शनिवार को दोपहर 3 से 6 बजे की शिफ्ट में बीकॉम प्रथम वर्ष का उद्यमिता विकास का पेपर था। कॉलेज के संस्कार हॉल में परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे थे। केपी कॉलेज के साथ ही प्रेस्टीज कॉलेज के परीक्षार्थी भी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा की शुरुआत में प्रेस्टीज कॉलेज व केपी कॉलेज के दो छात्रों के बीच किसी बात पर कहासुनी हुई। तब तो वीक्षक ने दोनों को समझा दिया, लेकिन शाम करीब 5 बजे विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। बात इतनी बढ़ गई कि टेबल-कुर्सियां फेंकी गई। हाथापाई और गालीगलौज हुई। करीब 15 से 20 मिनट तक घटनाक्रम चलता रहा।

...और होने लगी हाथापाई

जानकारी के मुताबिक परीक्षा में दो छात्रों के बीच विवाद हुआ था। एक छात्र (जिसका नाम वासुदेव धारू बताया जा रहा) के हाथ पर पट्टा बंधा है तथा वह रायटर लेकर परीक्षा दे रहा है। उसका प्रेस्टीज कॉलेज के छात्र गणेश लोधी से विवाद हुआ था। दोनों में जमकर लात-घूंसे चले। गालीगलौज हुई। वासुदेव के रायटर को भी पीटा गया। अचानक स्थिति बिगड़ते देख परीक्षा कक्ष में बैठे दूसरे परीक्षार्थी सकते में आकर घबरा गए। छात्राएं रोने लग गई। सूचना पर दूसरे प्रोफेसर कक्ष में पहुंचे। प्रोफेसरों के आने के बाद भी विवाद नहीं रूका और एक छात्र दूसरे को टेबल लेकर मारने दौड़ा। वह कक्षा से बाहर भागकर गया तो उसके पीछे दौड़ लगाई। बाद में डॉ. आदित्य लुणावत, प्रो. संग्रामसिंह साठे, डॉ. एसपीएस राणा आदि कक्ष में पहुंचे और बीच-बचाव किया।

वीक्षक बोले- ऐसे हालात में हम नहीं कर सकेंगे ड्यूटी

घटना के समय संस्कार हॉल में लगभग 61 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे थे। इनमें केपी कॉलेज के मात्र 4 व प्रेस्टीज कॉलेज के 57 परीक्षार्थी। वीक्षक के रूप में प्रो. भारती कियावत, प्रो. जया गुरनानी, प्रो. सीमा उपाध्याय ड्यूटी दे रही थी। घटना के बाद से वे घबरा गई और कहने लगी कि यदि इस तरह से हुआ तो हम परीक्षा में ड्यूटी नहीं देंगे। कल से कोई हम पर ही हमला कर देगा तो कौन जिम्मेदार होगा। जब तक सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए जाएंगे तब तक हम ड्यूटी नहीं देंगे। जब प्रवीण नामक छात्र का केस बनाया था वह बिल्डिंग पर चढ़कर कूदने की धमकी दे रहा था। शनिवार को भी उसका केस बनाया। उसका व्यवहार खराब था। बार-बार परीक्षा में खलल डाल रहा था।

प्राचार्य ने दी कुलपति को जानकारी

घटना के बाद कॉलेज का स्टाफ बुरी तरह घबरा गया। प्राचार्य डॉ. एसएल वरे भी मायूस नजर आए। प्राचार्य ने घटना की जानकारी तत्काल कुलपति डॉ. एसएस पांडे को दी। डॉ. वरे ने बताया कि विवाद की जानकारी मिलने पर मैं संस्कार हॉल पहुंचा और विवाद कर रहे छात्रों को समझाया। वासुदेव, गणेश और प्रवीण सहित अन्य ने विवाद कर व्यवस्था बिगाड़ी। इस संबंध में कुलपति, कलेक्टर व एसपी को पत्र लिखा है। नाहर दरवाजा थाना प्रभारी को भी जानकारी देकर वीडियो फुटेज दिखाए हैं।

कुलपति ने किया एसपी को फोन

विवाद के बाद जब प्राचार्य ने कुलपति को सूचना दी तो उन्होंने तत्काल एसपी को फोन किया और इस बारे में चर्चा की। एसपी ने नाहर दरवाजा थाना प्रभारी अमित सोलंकी से पूरी जानकारी ली और तत्काल कॉलेज जाने के निर्देश दिए। बताया गया कि एसपी ने नाराजगी भी जताई कि जब मुझ तक खबर पहुंच गई तो आपका थाना कॉलेज के पास होने के बावजूद खबर क्यों नहीं मिली। सूत्रों के मुताबिक कुलपति ने कॉलेज प्रशासन से विवाद करने वाले छात्रों की पूरी जानकारी मंगवाई है। इस बारे में यूनिवर्सिटी प्रशासन आगामी दिनों में एक्शन ले सकता है।

सोमवार को लेंगे स्टाफ की मीटिंग

प्राचार्य डॉ. वरे का कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते विवाद हुआ था। शुरुआत में मैंने समझा दिया था लेकिन बाद में फिर से मारपीट हो गई। जो हुआ वह निंदनीय है। कुलपति व हमारे उच्चाधिकारियों को बता दिया है। उन्होंने एफआईआर करवाने के लिए कहा है। कुछ लोग कॉलेज का माहौल खराब करना चाह रहे हैं। स्टाफ भी घबरा गया था और ड्यूटी के लिए सुरक्षा इंतजाम की बात कही है। हम सोमवार को स्टाफ की मीटिंग बुलाएंगे। अगर वे लिखित में ड्यूटी नहीं करने की बात कहते हैं तो आगे विचार करेंगे। इसके बाद एफआईआर के लिए कार्रवाई की जाएगी। मीटिंग में जो निर्णय होगा उसके अनुसार ही सब होगा।

कमेंट्स करने पर हुआ विवाद

सूत्रों के मुताबिक विवाद तात्कालिक नहीं बल्कि तीन-चार दिन पुराना है। इसकी वजह आपसी वैमनस्यता और ईगो है। केपी कॉलेज और प्रेस्टीज कॉलेज के जिन दो छात्रों के बीच शनिवार को विवाद हुआ उनमें करीब तीन-चार दिनों से तनातनी चली आ रही है। एक-दूसरे को घूरकर देखने की बात पर पहले भी बोलचाल हो चुकी है। शनिवार को भी जब पेपर था तो गमछा टांगकर कक्ष में बैठने की बात पर कुछ कमेंट्स किए गए। इस पर माहौल बिगड़ा और दोनों ओर से मारपीट की गई। हालांकि विवाद के बाद दोनों पक्षों ने रिपोर्ट लिखाने से मना कर दिया।

पहली बार हुई ऐसी घटना

विवादों और मारपीट के लिए केपी कॉलेज बदनाम ही रहा है मगर परीक्षा के दौरान कक्ष में मारपीट का यह पहला मामला है। खुद कॉलेज के प्रोफसर कह रहे हैं कि हमारी करीब 20-25 साल की नौकरी में पहली बार ऐसा हुआ है कि परीक्षा कक्ष में इस तरह से टेबल-कुर्सियां फेंककर मारपीट हुई हो।

सख्ती करने पर दी जाती है धमकी

विवाद के एक वजह नकल भी बताई जा रही है। कॉलेज में छात्र नेताओं के दबाव के चलते उनके समर्थक खुलकर नकल करते हैं। पूरी गाइड लेकर कक्ष में जाते हैं। जब वीक्षक उनकी चेकिंग करते हैं और सख्ती की बात कहते हैं तो धमकाया जाता है। कुछ दिन पहले एक छात्र ने वीक्षक को धमकाया था और मारपीट भी की थी। इसके बाद अन्य वीक्षक घबरा गए थे। नकल प्रकरण तो अभी भी बनाए जा रहे हैं लेकिन शनिवार की घटना के बाद से वीक्षक बुरी तरह घबरा गए हैं।

बाहरी तत्वों के प्रवेश पर नहीं लग पा रहा अंकुश

सबसे बड़ा सवाल बाहरी लोगों और छात्र नेताओं के कॉलेज में प्रवेश पर उठ रहा है। शनिवार को भी विवाद के बाद भी छात्र नेता कॉलेज पहुंचे और परिसर में घूमते रहे। परीक्षा शुरू होने के दौरान भी ये नेता कॉलेज में आते हैं और कक्षाओं तक जाकर अपने समर्थकों को बैठाते हैं। कॉलेज प्रशासन भी इनके दबाव में रहता है और कड़ी कार्रवाई नहीं कर पाता।

प्रशासन ने नहीं लिया गंभीरता से

शनिवार को हुए घटनाक्रम के बाद कॉलेज प्रशासन की लचरता के साथ ही पुलिस-प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई है। संवेदनशील कॉलेज होने और बड़ी परीक्षा होने के बावजूद न तो कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लिया न ही एसपी ने। कलेक्टर की ओर से सख्ती के कोई कदम नहीं उठाए गए। कॉलेज का स्टाफ भी दबेस्वरों में कहता नजर आया है कि अगर प्राचार्य कुछ नहीं कर पा रहे तो कलेक्टर-एसपी को तो कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि स्टाफ को भय न हो।

वर्जन-
विवाद की सूचना पर मिलने पर कॉलेज पहुंचा था। प्राचार्य व स्टाफ से चर्चा की है। वीडियो फुटेज देखे हैं। कॉलेज प्रशासन द्वारा शिकायत किए जाने पर संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कॉलेज की ओर से आवेदन नहीं मिला है।-अमित सोलंकी, थाना प्रभारी नाहर दरवाजा

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